रविवार, 3 सितंबर 2017

विधायक डां प्रेमचंद बैरवा निवास स्थान पर, क्षेत्र के ग्रामीणों की सुन रहे है जनसमस्याए

breaking news
दूदू(जयपुर)- विधायक डां प्रेमचंद बैरवा निवास स्थान पर, क्षेत्र के ग्रामीणों की सुन रहे है जनसमस्याए, अधिकारियो को फोन पर ही निस्तारण के दे रहे है निर्देश।
दूदू(जयपुर)- पदयात्रियो का संगम 6 सितम्बर को भैराणाधाम मे, दादूपीठाचार्य गोपालदासजी महाराज के सान्निध्य मे होगा मेला, जयपुर, सांभर, मालपुरा, नरेना,नई नाडीरामपुरा सहित कई जगहो से ध्वज लेकर पंहूचेगी पदयात्राए।
दूदू(जयपुर)- नरेना-दूदू मार्ग पत्थर का पाउडर डालने का मामला, वाहनो के आने पर उडता है सफेद पाउडर का गुब्बार, दुपहिया वाहन चालको को हो रही है परेशानी, ग्रामीणों ने कई बार दूदू एसडीएम को कि शिकायत।
दूदू(जयपुर)- ग्रामीण क्षेत्रों मे बिजली की अघोषित कटौती से ग्रामीण परेशान, बार बार फाल्ट होने से रहती है बिजली गुल, सम्बन्धित विभाग नही दे रहा है ध्यान।
दूदू(जयपुर)- 62 वीं जिला स्तरीय छात्राओ की क्रीडा प्रतियोगिता का आज तीसरा दिन रेटा गांव मे, प्राथमिक स्तर की 50 टीमे प्रतियोगिता मे भाग, दूदू बीईईओ रमेश चंद वर्मा ने दी जानकारी।

लखनऊ. यूपी का ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ मेट्रो 5 सितंबर शुरू होने वाला है।

लखनऊ. यूपी का ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ मेट्रो 5 सितंबर  शुरू होने वाला है।
होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह और सीएम योगी इसका इनॉगरेशन करेंगे।
मेट्रो के 8.30 किलोमीटर के पहले चरण में 8 स्टेशन हैं, बाकी के हिस्से पर अभी काम चल रह है।
6 सितंबर को पब्ल‍िक के लिए किया जाएगा ओपन...

- 5 सितंबर से लखनऊ मेट्रो दौड़ने लगेगी।

पब्लिक के लिए इसे अगले दिन यानी 6 सितंबर से शुरू किया जाएगा।
- इसमें सफर करने के लिए 2 सितंबर को मेट्रो गो कार्ड का काउंटर लगाया गया। पहले दिन 610 कार्डों की बिक्री हुई।
- 28 अगस्त को मेट्रो की नई वेबसाइट भी लॉन्च कर दी गई। इसपर सभी रूट के लिए ऑनलाइन टिकट और मेट्रो कार्ड लिए जा सकेंगे।

ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक चलेगी, ये रहेगी टाइमिंग
- लखनऊ मेट्रो रोजाना सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक चलेगी, कुल साढ़े 8 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
- इस दूरी में कुल 8 स्टेशन हैं। इसका एवरेज हर एक किलोमीटर पर एक मेट्रो स्टेशन है।
- इसमें टांसपेार्ट नगर, कृष्णा नगर, सिंगार नगर, आलमबाग, आलमबाग बस स्टैंड, मवैया, दुर्गापुरी और चारबाग स्टेशन शामिल हैं।

लखनऊ में मेट्रो के अन्य जो 4 रूट तैयार हो रहे है वो है
1- अमौसी से कुर्सी रोड।
2- बड़ा इमामबाड़ा से सुल्तानपुर रोड।
3- पीजीआई से राजाजीपुरम।
4- हजरतगंज से फैजाबाद रोड तक मेट्रो को जोड़ा जाएगा

धर्मेन्द प्रधान को केन्द्र कैबिनेट मंत्री मण्डल की शपथ ली

*सवांदाता मनीष पंचोली जयपुर*

1 धर्मेन्द प्रधान को केन्द्र कैबिनेट मंत्री मण्डल की शपथ ली

2 पीयूष गोयल को केन्द्र कैबिनेट मंत्री मण्डल की शपथ ली

3 निर्मला सीतारामन ने केन्द्र कैबिनेट मंत्री मण्डल की शपथ ली

4 मुख़्तार अब्बास नकवी ने कैबिनेट मंत्री मण्डल की शपथ ली

इन चार कैबीनेट मंत्री का परमोसन हुवा है

1 शिव प्रताप शुक्ल ने राज्य मंत्री पद शपथ ली राज्यमंत्री बने

2 अशिविनि कुमार चौबे ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली राज्यमंत्री बने

3 डॉ वीरेंद्र कुमार
राज्य मंत्री पद की शपथ ली राज्यमंत्री बने

4 अनंत कुमार हेगड़े ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली राज्यमंत्री बने

5 आर के सिंह ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली राज्यमंत्री बने

6 हरदीप सिंह पूरी ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली राज्यमंत्री बने

7 गजेन्द्र सिंह शेखवात ने राज्य  मंत्री पद की शपथ ली राज्यमंत्री बने

8 डॉ सत्यपाल सिंह ने राज्य मंत्री पद की शपथ ली राज्यमंत्री बने

9 अल्फोस कन्नाथनम ने राज्य  मंत्री पद की शपथ ली राज्यमंत्री बने

मोदी सरकार में 9 राज्य मंत्री बनाये गये है।

काला धन सफेद कर डाला... विकास दर को बट्टा लगाया

काला धन सफेद कर डाला...
विकास दर को बट्टा लगाया...
 ये कैसा 56 इंच का सीना दिखाया

हो गई तसल्ली... कर ली मनमानी... दिखा दी नादानी... नोटबंदी करके 56 इंच का सीना फुलाया.... व्यापार-कारोबार का भट्टा बिठाया... विकास दर को नीचे गिराया... मजदूरों को बेरोजगार बनाया... नौकरियों को घटाया... पढ़े-लिखों को भूखे मरने पर मजबूर कराया... अभी तो आंकड़ों में परिणाम सामने आया... अब जब जगह-जगह त्राहि मचेगी... छोटे व्यापारी-कारोबारी पर तालेबंदी की लहर चलेगी... उद्योगों की चिमनियों का उठता धुआं जब दम तोडऩे लगेगा... निरुत्साही कारोबारी जब कम कारोबार कर झंझटों से मुक्ति की जुगत ढूंढने लगेगा तब मोदीजी आपकी अनुभवहीनता और तानाशाही का पता दुनिया को चलेगा... देश जुमलों और संवादों से चलाया जा रहा है... अनुभवी नेताओं की बातों को अनसुना किया जा रहा है... मीडिया को तोता बना दिया गया है... जो रटे-रटाए संवाद बोलकर भटेतगीरी करता नजर आता है... जो चैनल खोलो उस पर मोदी पुराण और मोदी गुणगान सुनाया जाता है... चार दुमछल्ले बैठाए जाते हैं जो मोदी चालीसा सुनातेे  हैं... एक अच्छे भले ईमानदार आदमी का इस भटेतगीरी ने सत्यानाश कर दिया... मोदीजी में इतना अहंकार भर दिया कि वो आलोचना बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं... नसीहत तो दूर सुझाव तक देने वाले को ठिकाने लगा डालते हैं... इसलिए सारे के सारे खामोश रहने में ही अपना भला मानते हैं... विपक्षी भी उनकी ताकत और हिमाकत को पहचानते हैं... इसलिए राहुल छुट्टी जाकर  खैर मनाते हैं... बड़े-बड़े कांग्रेसी भी विरोध की औपचारिकता निभाते हैं... मनमोहनसिंह जैसे अर्थशास्त्री जब समझाते हैं तो मोदीजी उसे हवा में उड़ाते हैं... संसद में अपने भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री ने भविष्य की इस आशंका को पहले ही व्यक्त कर दिया था... पर अपनों की परवाह न करने वाली सरकार गैरों की नसीहत कहां मानती है... हकीकत को कैसे पहचानती... आगे बढ़कर पीछे हटने को अपनी हार मानने वाली सरकार ने अपनी जीत के लिए देश को हरा दिया... असली तो असली नकली नोटों का बोझ देश पर लाद दिया... आतंकवाद मिटाने और नकली नोट चलन से हटाने की लफ्फाजी सामने आ गई... 99 प्रतिशत धन बैंकों में आ गया... कालाधन कहां गया... इस नाकामी से खिसियाई सरकार ने जीएसटी का कानून लाद दिया... कानून तो कानून हर माह खरीदी-बिक्री के हिसाब-किताब का बोझ व्यापारियों पर बढ़ा दिया... सरकार की इस मूर्खता का परिणाम यह है कि अब कोई व्यापार-कारोबार करना नहीं चाहता है... कम कमाने और चैन की नींद सोने  का यह भाव जब देश में छा जाएगा तब संगठित व्यापार देश पर हावी हो जाएगा... मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए मार्ग खुल जाएगा... देश फिर ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रवेश की तरह गुलामी के दौर में चला जाएगा... फिर विकास दर के आंकड़ों में केवल विदेशियों का विकास नजर आएगा... देश को मनमानी, नादानी, तानाशाही का मतलब तब समझ में आएगा... मोदीजी के जुमले और जुबान तो सबने सुन ली, अब चुप रहने वाले मनमोहनसिंह की बात का अर्थ देश को नजर आएगा... एक अर्थशास्त्री की तरक्की के मुकाबले एक व्यर्थशास्त्री का अनर्थ जब देश पर छाएगा तब सबसे पहले छोटा तबका इस तबाही में बर्बाद नजर आएगा...

*✍🏻 रोहित कुमार डाकड़*
    गंगापुर सिटी , सवाईमाधोपुर

शुक्रवार, 1 सितंबर 2017

बोलोरो गाड़ी बाले ने मारी कई बाइक सवारों को टक्कर

नगर (भरतपुर )---------




जिसमे 4 जने हुये घायल
घायलों को लाया गया नगर हॉस्पिटल

घायलों में एक महिला परुष दो बच्चे है जिनको आई अंदरूनी चोट

बोलोरो चालक को किया मोके पर पुलिस ने गिरफ्तार

बोलोरो चालक को  नगर क्षेत्र के पास गाँव फ़तेहपुर का होना बताया जा रहा है

मामला कस्बा नगर के इंद्रा सर्किल का
है

आखिर देखादेखी ही सही मिलीे तो सही- "प्रेरणा"

आखिर देखादेखी ही सही मिलीे तो सही- "प्रेरणा"*
आज मैं बात कर रहा हूं श्रीवल्लभ रामदेव पित्ती अस्पताल यानि नागौर शहर के पुराने अस्पताल की जिसको फिर से चालू कराने के लिए एक बार फिर नागौर के जागरूक नागरिक सक्रिय हुए हैं। बकायदा इसके लिए एक WhatsApp ग्रुप लांच किया गया है। जिस पर दिन भर जागरूक लोग अपनी राय रख रहे हैं। लंबे समय के बाद आंदोलन फिर शुरू करने की प्रेरणा तांगा दौड़ आंदोलन से मिली है सब जानते हैं कि तांगा दौड़ सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा बन कर रह गया है, जिसमें कई नेता चित भी अपनी पट भी अपनी का खेल खेल रहे हैं यानी तांगा दौड़ शुरू हो तो श्रेय लेने में आगे और ना हो तो दोष देने में भी सबसे आगे। तांगा दौड़ आंदोलन से प्रेरणा इसलिए बता रहा हूं कि इसको फिर से चालू करवाने के लिए  जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक ने दिन रात एक कर के प्रयास किए हैं। जागरुक नागरिकों को आस बंधी है कि अस्पताल के लिए फिर से आंदोलन करने से शायद सरकार जाग जाए। क्योंकि यह अस्पताल नागौर शहर के लिए कितने मायने रखता है यह हर आम आदमी जानता है। वर्तमान जेएलएन अस्पताल को सही मायनों में पूर्व चिकित्सा मंत्री नरपत सिंह राजवी ने सिर्फ ट्रॉमा सेंटर के लिए स्वीकृत किया था ताकि हाईवे पर होने वाले गंभीर एक्सीडेंट में तत्काल चिकित्सा उपलब्ध हो। इसको भी राजनीतिक फायदे के लिए चुनाव के मद्देनजर एक जनरल अस्पताल बनाकर नागौर वासियों को सौंप दिया। जेएलएन हॉस्पिटल आज भी एक रेफरल अस्पताल के रूप में काम कर रहा है तो फिर नागौर शहर से इतनी दूर अस्पताल ले जाने के का क्या औचित्य रह गया है?
आंदोलन से जुड़े नागरिकों से यही सुझाव है कि बिना राजनीतिक स्वार्थ के सब आगे आए।

कोई भी पत्रकार छोटा बड़ा नही होता

कोई भी पत्रकार छोटा बड़ा नही होता । बस वो अपने ज़मीर को गिरवी न रखे । आज बाबा राम रहीम के बारे में आप सब टीवी पे देख रहे है । और अखबारों में पढ़ भी रहे है । मसल पॉवर और अकूत सम्पति होने के बावजूद बाबा एक पत्रकार को झुका नही पाये । ये उस पत्रकार की दृढ़ इच्छा सकती ही थी कि सब कुछ जानते हुये भी अपने एक छोटे से अख़बार "पूरा सच" में पूरा सच लिखने की कोशिश की । पत्रकार को बाबा के गुण्डों के हाथ जान गंवाना पड़ा । आज जो खबरे निकल के आ रही है वो पूरा सच के सम्पादक की देन थी । करोड़ो अनुयायी करोड़ो की सम्पति सारे दुनियावी ऐशो आराम के साधन होने के बावजूद आज बाबा काल कोठरी में रात काटने को मजबूर है । जब तक पत्रकारिता को मिशन समझने वाले लोग जिन्दा रहेंगे तब तक मुल्क में छोटे मझोले अखबार जिन्दा रहेंगे । क्योंकि पत्रकारिता को मिशन समझने वाले पत्रकार समझौता नही करते है । और बड़े समाचार पत्रो और मीडिया घरानो में खबरे खुश करने के लिये छापी जाती है जबकि छोटे समाचार पत्रों में खबर सरकार से इन्साफ दिलाने के लिए छापी जाती है । जहाँ भी रहे अपने मिशन से भटकिये नही । असली पत्रकारिता वो ही होती है कि आप सरकार के अच्छे कामो को अवाम तक पहुँचाये और जब भी सरकार कुछ गड़बड़ी करे तो उसे भी अवाम तक पहुँचाये । चापलूसी करके आप दौलत कमा सकते है । इज्जत नही कमा सकते । "पूरा सच" के एडिटर को सच्ची श्राद्धाजंलि ये ही होगी कि हम जहाँ भी गरीब मजलूम पे जुल्म और अन्याय हो तुरन्त उसके खिलाफ आवाज़ उठाये । चाहे जुल्म और अन्याय करने वाला कितना भी ताक़तवर हो । हमें घुटने नही टेकने चाहिये ।

Gandal में छत के कड़े से लटका मिला युवक का शवः परिजनों ने एक आरोपी के खिलाफ कराया मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

बामनवास उपखंड के गंडाल गांव में एक युवक ने छत के कड़े से फंदा लगाकर जान दे दी। मंगलवार शाम को हुई इस घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ...