शनिवार, 23 सितंबर 2017

कक्ष एक चिकित्सक तीन


गंगापुर के सरकारी अस्पताल में बेड की संख्या बढ़े तो बने बात
 गंगापुर सिटी 

राज्यसरकार ने पांच साल पहले सरकारी अस्पताल को सौ बैड से 150 बिस्तरों के सामान्य चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया था लेकिन आबादी बढ़ने के साथ आउटडोर इनडोर पहले से दोगुना हो गया है। इसके चलते अभी भी 100 बेड और बढ़ाने की आवश्यकता है। 

इस समय हालत यह है कि चिकित्सालय में 150 बेड कमरों में लगने के बावजूद एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों का उपचार हो रहा है। जबकि अस्पताल में अभी भी 100 बेड लगाने के लिए जगह उपलब्ध है। कमरा नंबर 31 दूसरी मंजिल पर एक बड़ा हॉल खाली पड़ा हुआ है लेकिन इस पर ताला लटक रहा है। हालांकि इस हॉल में कभी कभी बैठकें आयोजित होती हंै। अगर अस्पताल की क्षमता 100 बेड और बढ़ा दी जाए तो चिकित्सकों के अलावा नर्स प्रथम द्वितीय के पद भी बढ़ेंगे तथा लोगों को राहत मिलेगी साथ ही रेफर होने पर ब्रेक लग सकेगा। इसके अलावा चिकित्सालय में नए उपकरण मशीन भी उपलब्ध हो सकेगी। 

चिकित्सा विभाग के उच्चाधिकारियों का भी इस ओर ध्यान नहीं है। दूसरी ओर अस्पताल भवन के आस-पास काफी जमीन बेकार पड़ी है लेकिन विभाग के अधिकारी यहां अस्पताल में आकर निरीक्षण तो कर जाते हैं पर समस्या की तरफ ध्यान नहीं देते हैं। 

कक्षएक चिकित्सक तीन 

सामान्यचिकित्सालय के चिकित्सक कक्षों की कमी के चलते वर्तमान में एक कक्ष में तीन चिकित्सकों को बैठकर मरीजों को देखना पड़ रहा है। मरीजों की भीड़ के कारण कक्षों की हालत यह हो जाती है कि चिकित्सक कक्षों में अंधेरा सा हो जाता है। कभी कभार चिकित्सक भी परेशान होकर कक्ष छोड़कर इधर-उधर चले जाते हैं। इसके बाद मरीज परेशान होते रहते हैं। डेढ़ सौ बेड का अस्पताल होने पर चिकित्सकों की संख्या में काफी इजाफा होने से परेशानी और बढ़ गई है। भीड़ के कारण रोगी चिकित्सक के बीच निजता भी नहीं रह पाती है। वहीं कार्यालय कर्मियों के लिए भी अलग से कोई कक्ष नहीं होने के कारण उन्हें असुविधा होती है। 

चारविधानसभा क्षेत्रों का भार 

सामान्यचिकित्सालय में चार विधान सभा क्षेत्रों के मरीज उपचार कराने आते हैं। इनमें गंगापुर सिटी के अलावा बामनवास, सपोटरा, टोडाभीम शामिल हैं। चिकित्सालय में औसतन 1200 से 1600 तक का आउटडोर प्रतिदिन का है जबकि 200 से 250 मरीजों का इनडोर है। मरीजों की भीड़ के चलते चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का आलम रहता है। गंगापुर सिटी की करीब दो लाख की आबादी तीन विधान सभा क्षेत्र के मरीजों की संख्या को देखते हुए सरकार को अस्पताल में बेड बढ़ाने की आवश्यकता है। 

उच्चाधिकारियोंको अवगत करा दिया 

सामान्यचिकित्सालय गंगापुर सिटी के पीएमओ डॉ. जी.बी.सिंह, का कहना है कि अस्पताल में खाली भूमि है। अगर सरकार इस भूमि दूसरी मंजिल पर भवनों का निर्माण करा दे तो रोगियों को काफी सुविधा मिल सकती है, साथ ही रेफर होना भी बंद हो जाएगा। यह भी सही है कि भवन के अभाव में चिकित्सकों को भी परेशानी होती है। इस संबंध में पूर्व में विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। 

गंगापुर सिटी. सामान्यचिकित्सालय की दूसरी मंजिल पर खाली पड़ा बारामदा और सामने बड़े हॉल पर लगा ताला।

मंगलवार, 12 सितंबर 2017

डी.ईएल.एड में प्रवेश के लिए आवश्यक न्यूनतम योग्यता (ओडीएल) अप्रशिक्षित इन-सर्विस अध्यापकों के लिए कुल में 50% अंक वरिष्ठ माध्यमिक (कक्षा 12) (या उसके

पात्रता

डी.ईएल.एड में प्रवेश के लिए आवश्यक न्यूनतम योग्यता (ओडीएल) अप्रशिक्षित इन-सर्विस अध्यापकों के लिए कुल में 50% अंक वरिष्ठ माध्यमिक (कक्षा 12) (या उसके बराबर) में हैं। एससी / एसटी / ओबीसी / पीएच उम्मीदवारों के लिए 5% अंकों की छूट स्वीकार्य है
बारहवीं कक्षा में प्रतिशत के सुधार

यदि किसी शिक्षक को वरिष्ठ माध्यमिक (कक्षा 12) (सामान्य श्रेणी) में कुल में 50% अंक नहीं मिल रहा है और कुल मिलाकर 45% अंक वरिष्ठ माध्यमिक (कक्षा 12) (एससी / एसटी / ओबीसी / पीएच उम्मीदवारों के लिए), तो एनआईओएस सुधार के लिए एक अवसर प्रदान करता है
सुधार के लिए कृपया एनआईओएस के सीनियर सेकेंडरी कोर्स में डी.एड.एड. की समाप्ति के बाद पंजीकरण करें। एनआईओएस साइट ऑनलाइन प्रवेश के तहत धारा 1 के अंतर्गत 1 विषय में प्रवेश, या 2 विषय में, या 3 विषय में, या 4 विषय में, यानी एक ही विषय संयोजन जो आपने पढ़ा है, से 4 विषयों तक अधिकतम। सीनियर माध्यमिक पाठ्यक्रम में पंजीकरण के लिए यहां क्लिक करें।
यदि शिक्षक स्नातक है तो कक्षा XII में अंक में सुधार लागू है
वरिष्ठ माध्यमिक पास करने पर, केवल मार्क स्टेटमेंट जारी किए जाएंगे
D.El.Ed. सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे जब आप वरिष्ठ माध्यमिक में 50% मार्क्स या उससे ऊपर सुरक्षित होंगे
पाठ्यक्रम शुल्क :

प्रथम वर्ष के लिए कोर्स फीस रु। 6000 / -, लेकिन रु। डीएएलएड के लिए स्वेअम प्रवासी डीटीएच चैनल नं। 32 देखने के लिए डीआईएसएच टीवी की खरीद के लिए 1500 / - को छूट दी गई है। वीडियो व्याख्यान
1 वर्ष की कुल फीस: रु। 4500 / -

सोमवार, 11 सितंबर 2017

असली मुख्य मुद्दे से भटकते भा. ज. पा. कार्यकर्ता.

असली मुख्य मुद्दे से भटकते भा. ज. पा. कार्यकर्ता.          पिछले दिनो करौली मेआये संगठन के राष्ट्रीय एव राज्य के भाजपा अधयझ संगठन महामंत्रीयो के जाने  के वाद सांसद एव विधायक राजकुमारी जाटवके वीच विजली विभाग केएक अधिकारी कोलेकर जो जंग हुई वहअनुशासन हीनता  की हदे पार करके आज एक इतिहास  वनता जा रहा है।यह तो  सभी जानते है कि सांसद और विधायक के संवंध भाजपाई नही है  और दोनो एक दूसरे  केसमारोहो मे भी नही जाते है।इस करौली जिला कलेक्टर कि वैठकमे जो मुद्दा कहिये वह थाएक एेसे अधिकारी की तारीफ सांसद जिला अधयझ के साथ प्रभारी मंञी दुआरा जोर शोर से करना शायद विधयक को जनहित  मे ना गवार लगा जो राज्य एव जनहित मेसही भी है। कयोकि जिस विजली विभाग के अधिकारी की तारीफो रे पुल वाधे थे उसीके सुपरवीजन मे कुछ दिनो पहले सिर्फ हिणडौन शहरी एव ग्रामीण छेञो मे विजलीवालाे ने राजस्थान के इतिहास में शायद ही इतनी गुणडागिरी से किसी उपखंड पर राञि के अधेरे मे फर्जी तरीके से वी. सी. आर. भरी होगी।यहाँ आपको यह भी जानकारी देदे कि यह कार्यवाही आजतक सिर्फ हिणडौन उपखण्ड पर ही हुई है जिले  मे अन्य सभी जगह सिर्फ लीपापोती  की गई  है कई विशेष जातिवाद  वाले उपखण्डो पर तो आज तक भी विजली विभाग की कोई कार्यवाही नही हुई हैं। इसलिये विधायक जाटव काजनहितमे अपनी पार्टी के नेतृत्व पर गुस्सा वाजिव लगता  है किन्तु इस वहस के वाद जो मुद्दा था उसे भूल कर पार्टी की नीव के पत्थर गुटों मे वटकर एक दूसरे पोल खोलने तथा आगे देख लेने की जो सोशल मिडिया पर युद्ध चल रहा है उससे मुख्य मुद्दा कमजोर पढता जारहा है और दलाल एव अधिकारीगण यही  चाहते हैं कि मुख्य मुद्दा शान्त  हो जावे और कार्यकर्ता आपस मे लडते रहे।विधयक जाटव को चाहिये किआपने छेञ के दस वीस पुराने  नये कार्यकर्ताओ  को अपने साथ जयपुर लेजाकर विजली मंञी  मुख्य मंञीजी के सामने अपना मजवूती से पछ रखे और कार्यकर्ताओ कीमंञियो से सिधे वहस करवे और जनहितार्थ  आपको भीइस मामले को चाहे उपर तक ले जाकर भषट जनपंतिनिधियो की पोल खोलनी  चाहिये तभी इस लड़ाई  के सार्थक परिणाम आपरो मिलेंगे।

बुधवार, 6 सितंबर 2017

लाम्बिया में जैन महाराजशाह की जयन्ती मनाई

*-: लाम्बिया में जैन महाराजशाह की जयन्ती मनाई  :-*

लाम्बिया ।। स्थानिय महापुरूष व जैन सम्प्रदाय के महाराजशाह आचार्य जयमल जैन की जयन्ती कस्बै के ऱाजकीय आदर्श जयमल जैन सीनियर सैकण्डरी स्कूल में बडे़ हर्ष के साथ समारोह पूर्वक मनाई गई ।इस दौरान प्रिन्सिपल समयसिंह मीणा, व्याख्याता पुखराज प्रजापत, महावीर प्रसाद व्यास, अशोककुमार सहित कई छात्रों नें महाराजशाह की फोटों पर पुष्प अर्पित कर फूल माला चढाकर उन्हे याद किया गया । वहीं प्रिन्सिपल समयसिंह मीणा नें कहा कि भारत सान्धु सन्तों ,मुन्नियों व वीर शिरोमणी महपुरूषों की पवित्र मातृ भूमी है । एेसी ही तपो भूमि पर लाम्बिया में  आचार्य जयमल जैन महाराजशाह का अवतरण जन कल्याण के लिए हुआ था । जिनकी ख्याती पूरे भारत में चहुंऔर है ।उनके  त्याग ,तप ,और आदर्शों के साथ ही उनकी कीर्ती हमेशा के लिए अमर रहेगी ।वहीं महावीर प्रसाद व्यास नें महाराजशाह की जन्म स्थली लाम्बिया गांव को बताते हुए उनकी आदर्श जीवनी पर प्रकाश डाला ।इसके साथ ही महाराज शाह के नाम पर विद्यालय भवन बनानें वाले भामाशाह को बधाई का पात्र बताया ।

✍ बोदूराम भाटी लाम्बिया

बिना लाइसेंस वाले लोकल न्यूज चैनल अवैध

बिना लाइसेंस वाले लोकल न्यूज चैनल अवैध

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से बिना लाइसेंस लिए चल रहे लोकल न्यूज चैनल अवैध हैं । केवल सेटेलाइट न्यूज चैनल ही केबल कनेक्शन पर चल सकते हैं।
केबल पर कुछ निजी लोकल चैनल न्यूज चैनल की शक्ल में चल रहे हैं। ये अवैध हैं क्योंकि इनके पास कोई लाइसेंस नहीं हैं।
जिलाधीश या पुलिस कमिश्नर या सब डिविजनल मैजिस्ट्रेट किसी भी उल्लंघन करने वाले लोकल न्यूज चैनल, केबल ऑपरेटर के खिलाफ ऐक्शन ले सकते है।

केबल ऑपरेटर का लायसेंस अलग होता है| सेटेलाइट या केबल पर न्यूज प्रसारण हेतू सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से न्यूज चैनल लाइसेंस प्राप्त करना आवश्यक होता हैं।

केबल टेलीविजन नेटवर्क विनियम संशोधन विधेयक 2006 के अनुसार, बिना पंजीयन लोकल न्यूज चलाई तो यह कानूनन जुर्म हैं जिसके लिए सजा का प्रावधान हैं।
1995 केबल एक्ट के तहत कोई भी एमएसओ खबर, मनोरंजन और विज्ञापन के कार्यक्रम का निर्माण नहीं कर सकता है और न ही खुद से उन्हें रिले कर सकता है। उसका काम सिर्फ सिग्नल लेना और उसे आगे भेजना है।
अगर एमएसओ केबल पर लोकल चैनल चलाता नजर आया तो उसका स्टूडियो, मशीनरी सील कर दी जाएगी।
इस तरह के चेनल्स के प्रसारण पर दो साल तक की कैद और एक लाख रूपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
*दुबारा इस तरह का काम करते पकड़े जाने पर पांच साल तक की कैद और तीन लाख रूपए का जुर्माना आहूत करने का प्रावधान है।*

सोमवार, 4 सितंबर 2017

हरियाणा पुलिस ने डेरा प्रमुख राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत कौर के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी

हरियाणा पुलिस ने डेरा प्रमुख राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत कौर के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने के बाद आज रविवार मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। खबर है कि हनीप्रीत मुंबई से फ्लाइट के जरिए विदेश भागने की फिराक में थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वह अपना भेष बदलकर आस्ट्रेलिया भागने की फिराक में थी। हनीप्रीत के खिलाफ पंचकुला में हिंसा को उकसाने और डेरा प्रमुख गुरमीत को कोर्ट से भगाने की साजिश रचने का आरोप है।
खास बात यह है कि राम रहीम को दुष्कर्म मामले में सजा मिलने के बाद जब जेल भेजा गया था, उस दौरान हनीप्रीत भी उसके साथ गई थीं। हरियाणा पुलिस ने जो लुकआउट नोटिस जारी कर दिया था। जिसके बाद उसके ढूंढने के लिए कई जगहों पर छापेमारी जारी कर दी थी। हनीप्रीत 25 अगस्त को गायब हुई थी।

झुंझूनु जिले की पांच होनहार कायमखानी बेटीया जो तालीम की ताकत पर समाज को नई दिशा दिखा रही

झुंझूनु जिले की पांच होनहार कायमखानी बेटीया जो तालीम की ताकत पर समाज को नई दिशा दिखा रही है।
।अशफाक कायमखानी।
     जयपुर।
                 भारत भर मे बडी तादात मे फोजी देने वाले राजस्थान के झुंझूनु जिले के कायमखानी समाज की पांच बेटीया तालिम की रोशनी से मालामाल होकर सरकार मे आला ओहदा पाकर समाज मे उनको एक आदर्श को तोर पर देखते हुये समाजी की छोटी बहने उनके रास्तो को अपना कर आगे बढने का प्रयत्न कड़ी मेहनत व लगनता के साथ कर रही है।
              हालाकि भारत भर मे मुस्लिम समुदाय को तालिम के क्षेत्र मे अति पिछड़ा समुदाय के तोर पर देखा व माना जाता है। साथ ही महिला शिक्षा मे तो समाज को अक्सर गिनती के बाहर ही कर दिया जाता रहा है। पर राजस्थान का कायमखानी समाज इस तालिमी क्षेत्र मे पुरुषो के मुकाबले महिला शिक्षा की तरफ भी काफी तेजी के साथ पिछले कुछ सालो से कदम बढाने लगा है।
                 कायमखानी समाज की महिला शिक्षा व उससे समाज मे फैलती रोशनी पर ही आज जरा चर्चा करते हुये केवल झुंझूनु जिले पर प्रकाश डालते है। हालाकि कायमखानी बेटीया वेसे तो हर स्तर की सरकारी सेवा मे जाकर वतन की खिदमत हर स्तर पर कर रही है। लेकिन हम उन पांच "पंच प्यारी" कायमखानी बेटीयो तक ही आज सिमित रहते है। जो आज प्रकाशमय होते कायमखानी समाज की प्रेरणा श्रोत बनकर उभरी है।
               एक समय था जब झुंझूनु जिले मे कायमखानी समाज मे बेटीयो को कुछ कक्षा स्तर तक पढाया तो जाता था लेकिन उनको टिचर-कलर्क-पटवारी आदि जोब तक ही सिमित रखा जाता था। लेकिन बेटीयो के लिये फोज जेसे अलग तरह के फिल्ड मे जाकर वतन की खिदमत करने की राह नुआ गावं की लाडली इशरत खान ने फोज मे लेफ्टीनेट कर्नल का ओहदा 15-16 साल पहले पाकर नई राह हमवार की। उसके बाद जाबासर की होनहार बेटी तसनीम खान ने राजस्थान न्यायीक सेवा की अधिकारी बनकर इस क्षेत्र मे पहली बेटी के आने के तोर पर कदम रखा। उसके बाद नुआ की ही गुदड़ी के लाल की तरह सिनियर तक रेग्यूलर पढाई करने के बाद शिक्षा क्षेत्र मे कदम चाल करते रहने पर प्राईवेट आगे की तमाम शिक्षा पाकर तसनीम के रास्ते पर चलते हुये परवीन खान ने राजस्थान न्यायीक सेवा मे कामयाब होकर छोटी समाजी बहनो का होसला अफजाई करते हुये उनको इस सेवा की तरफ फिर से आने के लिये प्रेरीत किया। गावं नुआ तो नुआ ही ठहरा। वहां की बेटी अब कहा रुकने वाली थी। फिर नुआ गावं की बेटी फराह हुसैन ने ऊंची छलांग मारते हुये भारतीय सिविल सेवा परीक्षा मे 268 वी रेक पाकर नया क्रितीमान स्थापित किया।जो आज फराह आयकर विभाग मे आला अधिकारी के मुकाम पर कार्यरत है। छोके पर छक्का ओर छक्के पर छोका मारने की तरह जाबासर की दुसरी बेटी रुखसार ने जल सेना मे आला अधिकारी का पद पाकर फिर से बडी बहनो को सलाम व छोटी बहनो को कुछ कर गुजरने के लिये मन मे पक्का ठान कर उसके मुताबिक शुरुवात से लक्ष्य निर्धारीत करके उसके अनुसार कड़ी मेहनत करने का रास्ता दिखलाया।
           कुल मिलाकर यह है कि राजस्थान के झुंझूनु जिले के मुस्लिम समुदाय मे नुआ व जाबासर गावं की कायमखानी समाज की पांच बेटीया तसनीम खान, इशरत खान, परवीन खान, फराह हुसैन व रुखसार खान "पंच प्यारे" की तरह एक आदर्श को तोर पर जिला ही नही प्रदेश भर मे देखी जाने लगी है। दुसरी तरफ कुछ ही सालो मे पंच प्यारो की तरह इन पांच बेटीयो के इस तरह सही दिशा मे उभरने के कारण अब समाज की अधिकांश बेटीया इनसे भी बढकर छलांग लगाने का मंसूबा लेकर कड़ी मेहनत कर रही है।

Gandal में छत के कड़े से लटका मिला युवक का शवः परिजनों ने एक आरोपी के खिलाफ कराया मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

बामनवास उपखंड के गंडाल गांव में एक युवक ने छत के कड़े से फंदा लगाकर जान दे दी। मंगलवार शाम को हुई इस घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ...