रविवार, 25 अक्टूबर 2020

महिलाओं व छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानून व्यवस्था करने हेतु दिया ज्ञापन एबीवीपी ने


आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई गंगापुर सिटी द्वारा उप जिला कलेक्टर के रीडर को ज्ञापन सौंपा गंगापुर  सिटी में कुछ दिनों में महिलाओं व छात्राओं के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की ओर आकर्षित करना चाहता है इसी प्रकार एबीवीपी के जिला सह संयोजक सीताराम गुर्जर ने बताया कि कल हायर सेकंडरी में जो दुर्भाग्य पूर्ण घटना होई है  हायर सेकंडरी स्कूल के पार्क में लड़कियों के फोटो खींचकर व सोशल मीडिया पर फोटो डालना यह एक अपराध है  ऐसे युवक पर कार्रवाई की जाए इसी घटना से  महिलाओं व छात्राओं में भय का माहौल बना हुआ है वे सुबह पार्क में व बाजार में निकलने में भी कतश में नाकाम है प्रशासन महिलाओं के भीतर सुरक्षा का अवगत करने में नाकाम है

एकल अभियान करणपुर संच के आचार्यो का सात दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग ,नानपुर गांव में चल रहा है। वर्ग की अध्यक्षता करणपुर संच के अध्यक्ष दीनदयाल शर्मा ने की ।



     वर्ग के मुख्य अतिथि एकल अभियान अंचल समिति करौली के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह मीना ने उपस्थित आचार्यो को सम्बोधित करते हुए कहा कि " हम देश के,देश हमारा" यह भाव जगायेंगे।

  मीना ने कहा कि एकल अभियान पंचमुखी शिक्षा से प्रारंभ हुआ था। शिक्षा के द्वारा जागरूकता का काम हुआ। हमने ग्राम वासियों का विश्वास जीता। इसमें हमें 25 बर्ष का समय लगा। गत 5-6 बर्षों से हम दूसरे चरण में प्रवेश कर रहे है। पांचों योजना की गतिविधि प्रारम्भ हो गई है। 

     मीना ने कहा कि अब हमारी कार्ययोजना है प्रत्येक संभाग ,भाग फिर अंचल और आगे चलकर संच स्तर तक हम ग्रामोत्थान विधालय स्थापित करेंगे। जिसमें युवा पढाई और कमाई एक साथ सीखेंगे तथा  कक्षा 12 तक पढाई कर अपने गांव में ही उपार्जन करने की मानसिकता निर्माण करेंगे।

     मीना ने कहा कि एकल  अभियान ने ग्रामोत्थान योजना बनाई  है इसके लिए ग्रामोत्थान  केन्द्र प्रारंभ करेंगे। हमारे गांव के युवा खेती तथा बाकी समय कुछ उत्पादन की कला में निपुण हो यही हमारा सपना है। उसे नगरों में नौकरी में जितना धन मिलेगा और बचत कर पायेगा उससे कहीं अधिक कमाई वह गांव में ही कर सके। हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार गौमाता बनेगी। गाय गोबर तथा गौमूत्र  ही परिवार के आय का माध्यम बनना चाहिए। जैविक खेती या शून्य बजट प्राकृतिक खेती के अतिरिक्त और कुछ भी स्वीकार नहीं। धरती को रसायन मुक्त बनाना ही हमारा सपना है। हमें ऐसा तंत्र विकसित करेगें जिससे प्रत्येक ग्रामीण के घर की गौमाता का गोबर तथा गौमूत्र प्रतिदिन संग्रह कर उसके  उत्पादों के निर्माण  की व्यवस्था हो। और उसके उत्पाद से ग्रामीण परिवार को परिवार चलाने लायक आय होगी तथा नगरीय समाज का स्वास्थ्य हानिकारक तत्वों से बचायेंगे। पशुपालन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग बनेगा। गांव की समृद्धि ही देश की समृद्धि की पहचान बनेगी। ग्राम स्वराज मंच के जिला महामंत्री विजेन्द्र भारद्वाज ने जैविक कृषि ,गौपालन ,स्वालंबन, स्वदेशी वस्तुओं अपनाने की योजना बताई। प्राथमिक शिक्षा प्रमुख संतोष कुमार ने शिक्षण पर प्रकाश डाला । वर्ग का संचालन करणपुर के संच प्रमुख रामावतार शर्मा ने किया।

ढूंढें और अपनी बुराई को जलाएं - चन्द्रकेतु बेनीवाल


पिछले दशहरे की बात है। हर साल की तरह विजय दशमी को सच्चे और अच्छे मित्रों की एक लघु मण्डली ने घर पर धावा बोला। उनके सौहार्द आगमन की हमें पूर्व आशंका थी। ऐसे में हमने खुद को उनसे मुकाबले के लिए तैयार कर लिया था। स्वागत के लिए चाय के साथ हैसियत के अनुरूप हल्के फुल्के नाश्ते का प्रबंध भी किया। आते ही की गई जलसेवा का जिक्र करना थोडी ओछी बात कहलाएगी, इसलिए हम इसे संदर्भ से बाहर का रास्ता दिखा रहे हैं। 

आज फिर उसी सालाना पुनीत पर्व से पाला पड़ा है इसलिए बात को घुमावदार रास्ते पर धकियाने के बजाय हम सीधी-सट्ट मूल जड़ को उखाड़ते हैं। मित्रों के आने का उद्देश्य स्पष्ट था। वो इससे पहले भी कई मर्तबा हमें रावण की अंत्येष्टि में शरीक कराने के असफल प्रयास कर चुके थे।  संयोग कह लें या फिर हमारी डीठता कि उन्हें हर बार मुंह की खानी पडी। बार-बार नाकामी हाथ लगने के बावजूद प्रयास का मार्ग नहीं छोडने का कारण हम आज तक नहीं समझ पाए। उन्होंने चलने की जिद में सौगंधों का तड़का देने में भी कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी। 

अजीब सी कोशिश के इस दंगल में कौन हारा....कौन जीता...? हमें आज तक समझ नहीं आया लेकिन दांव-पेंच का यह अनौखा खेल पिछले कई वर्षों से अनवरत जारी है। 

वो आते हैं। रामा-कृष्णा होती है। अतिथि देवो भव: की पुरातन संस्कृति के अनुगामी होने के कारण हम हैसियत के अनुरूप आवभगत करते हैं। चाय की चुस्की के साथ वे संयुक्त स्वर में रावण दहन देखने का दुराग्रह करते हैं और प्रत्युत्तर में हम जुबान से ज्यादा सिर हिलाकर दो टूक मना कर देते हैं। ऐसा नहीं है कि मेरे सच्चे और अच्छे मित्र मनाही के तत्काल बाद प्रस्थान कर जाते हैं या फिर बुरा मान जाते हैं। ना वे मु़ंह सिकोडते हैं और ना ही अपना सा मुंह लेकर बाहर का रास्ता नापते हैं। यह परिपाटी अब भी जारी है।

हमें रावण की अंत्येष्टि उर्फ दहन में जाना कतई नहीं सुहाता। इसके पीछे हमारा कोई दुराभाव नहीं, बल्कि तार्किक वजह छिपी है।

हमें स्वीकार है कि प्रभु श्री राम ने आतंक से सदात्माओं को कष्ट पहुंचाने वाले दुरात्मा लंकापति का वध किया था। अग्नि बाण उस वक्त का अमोघ अस्त्र रहा होगा। उसी बाण से नाभि के अमृत कुण्ड को जलाकर प्रभु ने रावण जैसी बुराई को धराशायी कर दिया। तभी से हम रावण को जलाने की लकीर पीटते चले आ रहे हैं। मगर क्यों और कब तक? आदिकाल से चली आ रही यह परिपाटी क्या अनंत तक जारी रहेगी?

तत्समय की उस बडी बुराई को राम जी ने समाप्त कर दिया। बहुत अच्छी बात है। लेकिन साल-दर-साल रावण के पुतला दहन पर अरबों-खरबों रुपए की इस फिजूलखर्ची का अब औचित्य क्या है? प्रदूषण बढता है, सो अलग। मेरे मन में एक प्रश्न काफी समय से उत्तर की प्रतीक्षा में है कि प्रभु श्री राम ने तो उस वक्त पनपी हुई बुराई को खत्म किया था लेकिन तब से आज तक हमारा समाज हर साल बुराई को समाप्त करने के लिए उसे पैदा क्यों करता है? रावण के पुतला निर्माण और दहन के पीछे क्या मकसद है? इससे भी बडा प्रश्न यह है कि हममें से राम कितने हैं? क्योंकि रावण के खात्मे का हक तो सिर्फ राम को ही है। हम क्यों नहीं सोचते कि यदि धू धू करते रावण ने हमसे एक बार भी पूछ लिया कि आपमें से राम कितने हैं तो हम क्या जबाव देंगे? 

शायद मुझे इसी भय के कारण रावण दहन देखने में रुचि नहीं है। क्योंकि मैं राम हो ही नहीं सकता। जब मैं राम नहीं हूं तो मुझे रावण को जलाने का अधिकार कैसे मिल सकता है? दूसरी बात यह है कि बुराई के खात्मे के लिए बुराई के सोलह श्रृंगार किया जाना जरूरी है क्या?

दरअसल हम लकीर पीटने के आदि हो गए हैं। जबकि सच्चाई इससे बहुत परे है। सच बात तो यह है कि विजयादशमी पर्व हमारे भीतर छुपे बुराई रूपी रावण को स्वाहा करने का पुनीत अवसर है। इस दिन हम चाहें तो आत्म चिंतन के सारे पटों को एक साथ खोल सकते हैं। हमने साल भर में क्या खोया और क्या पाया? इस विषय पर आत्म विश्लेषण के लिए इससे अच्छा कोई और पर्व हो ही नहीं सकता। किन्तु खुद के भीतर छुपी बुराइयों को ढूंढने और ढूंढ ढूंढ कर जलाने के बजाय हम ठीक बैसे ही रावण दहन के परम्परागत पाखंड को पोषित कर रहे हैं जैसे पहाड़ पर लगी आग को बुझाने की गुहार करने वाला व्यक्ति खुद के पैरों तले लगी आग को नहीं देख पाता है।

इन्हीं नन्हे विचारों के साथ आप सभी मित्रों को विजयादशमी पर्व की ढेर सारी शुभकामनाएं।


(विशेष : भला हो कोरोना का, जिसने कई युगों पूर्व मारे गए रावण को जलने से बचा लिया, वरना मुझे वाकई बहुत दुख होता। क्योंकि एक प्रश्न मेरे लिए वर्षों से अनुत्तरित है कि त्रेतायुग में अंतिम संस्कार के बाद भी हम उसे पुतला बनाकर हर वर्ष दशहरे पर क्यों जलाते हैं?

पुलिस अधिकारियों ने पैदल चलकर लोगों को मास्क पहनाये, वाहन रैली को हरी झंडी दिखाई



जयपुर 25 अक्टूबर।पुलिस कमिश्नरेट,जयपुर ने दैनिक भास्कर के सहयोग से मास्क पुलिस महाभियान के तहत

प्रत्येक जयपुर वासी को मास्क पहनाने के लिए एक अभिनव पहल  की है क्योंकि  अभी मास्क ही वेक्सीन है।

पुलिस कमिश्नर श्री आनंद श्रीवास्तव एवं दैनिक भास्कर के स्टेट एडीटर श्री लक्ष्मी प्रसाद पंत कोरोना संक्रमण से बचाव के  जागरूकता अभियान के लिये निर्भया स्क्वॉड टीम एवं यातायात पुलिस के वाहनों की रैली को गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि जब से इस कोरोना महामारी का प्रकोप शुरू हुआ है तब से ही राज्य सरकार द्वारा इस महामारी पर नियंत्रण के लिए उपाय किये जा रहे हैं।यह हर आदमी को प्रभावित कर रही है ।सभी की बातचीत का केंद्र बिंदु कोरोना ही है।जब तक वैक्सीन नहीं आती तब तक मास्क ही वैक्सीन है।राज्य सरकार ने जनजागरण आंदोलन चलाया  है। इसके तहत अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित किया जाय कि हर आदमी मास्क को धारण करे जिससे इस महामारी के संक्रमण को रोका जा सके।

उन्होंने कहा कि मास्क पहनाने का अभियान तीन दिन तक चलेगा । प्रतिदिन तीन घंटे लगभग पाँच हजार पुलिस अधिकारी एवं पुलिस कर्मी शहर के 650 निर्धारित स्थानों पर लोगों से आग्रह करेंगे कि वे मास्क पहनें, और नहीं पहनें हुए हो तो उन्हें मास्क धारण करवाएंगे।

दैनिक भास्कर के स्टे्ट एडीटर श्री लक्ष्मी प्रसाद पंत ने कहा कि आज दशहरा है और दशहरे के दिन इस अभियान की शुरुआत हो रही है ।इस समय कोरोना से बड़ी कोई बुराई का प्रतीक नहीं है।उन्होंने कहा किसुरक्षा करना पुलिस का काम है लेकिन इस से बड़ी सुरक्षा कुछ हो ही नहीं सकती। उन्होंने शहर में सुरक्षा के रूप में निकलने के लिए पुलिस को बधाई दी और कहा कि इस अभियान को हम सभी मिलकर सफल बनायेंगे। 

इस अवसर पर निर्भया टीम ने हाथों में पट्टिकाओं पर,

बाहर निकलें तो मास्क जरूर पहनें, सोशल मीडिया के भ्रामक संदेशों पर ध्यान न दें, साबुन से बार बार हाथ धोयें, बचाव के लिए आपकी सावधानी व सहयोग जरूरी है, अनावश्यक यात्रा ना करें, हाथ नहीं मिलाएं-नमस्ते अपनाएं, बाहर निकलें तो मास्क जरूर पहनें, हमारी छोटी सी लापरवाही कोरोना संक्रमण बढ़ा सकती है, होम/संस्थागत क्वारेन्टीन सलाह का पालन करें, जैसे श्लोगनो के माध्यम से जागरूक किया।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री राहुल प्रकाश ने कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में जानकारी दी

इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रथम श्री अजयपाल लाम्बा, पुलिस उपायुक्त पूर्व डॉ राहुल जैन, पश्चिम श्री प्रदीप मोहन शर्मा, उत्तर डॉ राजीव पचार, दक्षिण श्री मनोज कुमार एवं यातायात श्री आदर्श सिधु सहित पुलिस के अधिकारी एवं पुलिस कर्मी उपस्थित थे और गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहा से संसारचन्द्र रोड ,वनस्थली मार्ग, सिंधी कैम्प होते हुए रिजर्व पुलिस लाइन तक पैदल चलकर सभी ने लोगों को मास्क पहनाये।

शनिवार, 24 अक्टूबर 2020

ई-मित्र अब मंगलवार को भी खुल सकेंगे


सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा । जिला मजिस्ट्रेट नन्नूमल पहाडिया ने कलेक्ट्रेट, समस्त उपखंड अधिकारी और तहसील कार्यालय परिसरों में संचालित फोटोस्टेट दुकानों एवं जिले के समस्त ई-मित्रों को मंगलवार के सार्वजनिक अवकाश से छूट दे दी है। 

उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिये जिला मजिस्ट्रेट के निर्देशानुसार जिले में प्रत्येक मंगलवार को दुकान, व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे जाते हैं। कलेक्ट्रेट व अन्य महत्ववूर्ण कार्यालयों में आने वाले फरियादियों की सुविधा को देखते हुये और सैंकडो सरकारी योजनाओं के आवेदन ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन होने की बाध्यता के चलते जिला मजिस्ट्रेट ने सार्वजनिक अवकाश से इन्हें छूट प्रदान की है।

मास्क लगाने के लिये समझाया, जागरूकता स्टीकर चस्पा किये


सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। सवाईमाधोपुर नगरपरिषद के कार्मिकों और कोरोना जागरूकता जोन टीमों ने बुधवार को चकचैनपुरा, कलेक्टेट व आसपास, नीम चौकी, इन्द्रा कॉलोनी, रैगर बस्ती, बजरिया, हरसहाय कटला, शहर सब्जी मंडी, खंडार बस स्टैंड, हम्माल मौहल्ला, मणिहारी मौहल्ला, मिश्र मौहल्ला, राजबाग व अन्य स्थानों में पहुंच कर आमजन, दुकानदार और ग्राहकों को कोराना जागरूकता जन आंदोलन की जानकारी दी, निःशुल्क मास्क वितरित किये और दुकानों, वाहनों पर जागरूकता स्टीकर, पोस्टर चस्पा किये। टीम में शामिल आंगनबाडी कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग भी की।

टीम के सदस्यों ने बताया कि कुछ लोग बेवजह घूमते पाये गये और इनमें से काफी ने मास्क भी नहीं लगाया हुआ था। ऐसे लोगों को ‘‘नो मास्क-नो एंट्री’’ जन आंदोलन के बारे में जानकारी दी गई तथा समझाया गया कि आप खुद की ही नहीं परिजनों की जान भी जोखिम में डाल रहे हो। कोराना संक्रमण कम नहीं हुआ है, न ही इसकी दवा या वैक्सीन आयी है। मास्क लगाने, 2 गज की दूरी बनाये रखने, भीड वाले स्थान पर न जाने , सार्वजनिक स्थान पर न थूकने से ही कोरोना से बचा जा सकता है।

शाम को आयुक्त रविन्द्र यादव ने जोन प्रभारियों के साथ अभियान की प्रगति की समीक्षा की तथा गुरूवार को आयोजित की जाने वाली गतिविधियों के सम्बंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

बिना अनुमति सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक समारोह का आयोजन नहीं होगा


उल्लंघन पर होगा 10 हजार रूपये जुर्माना

सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। शादी और अन्तिम संस्कार के अतिरिक्त किसी भी प्रकार के सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक या अन्य सार्वजनिक आयोजन के लिये जिला मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लेनी होगी।

लिखित अनुमति मिलने पर आयोजित कार्यक्रम में 2 गज दूरी की पालना करनी होगी, उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को मास्क लगाना है, कार्यक्रम स्थल में प्रवेश से पूर्व प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग होगी तथा स्वच्छता, सेनिटाइजेशन के मानकों की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जायेगी। 100 से अधिक व्यक्तियों को समारोह में उपस्थित होनी की अनुमति नहीं होगी। ये नियम सभी सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक कार्यक्रम में लागू होंगे।

इनका उल्लंघन करने पर 10 हजार रूपये जुर्माना होगा तथा आईपीसी तथा राजस्थान महामारी अधिनियम में वर्णित कानूनी कार्रवाई की जायेगी।

जिला मजिस्ट्रेट नन्नूमल पहाडिया ने बताया कि इस आदेश का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाने की शक्ति एसडीएम के साथ ही सम्बंधित कार्यपालक मजिस्ट्रेट, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और बीडीओ को भी प्रदान कर दी गई है।

Gandal में छत के कड़े से लटका मिला युवक का शवः परिजनों ने एक आरोपी के खिलाफ कराया मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

बामनवास उपखंड के गंडाल गांव में एक युवक ने छत के कड़े से फंदा लगाकर जान दे दी। मंगलवार शाम को हुई इस घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ...